भाभी के बड़े बड़े मम्मे

sexstoryinhindi.in के सभी पाठको और सर्वप्रिय मस्तराम जी को मेरा नमस्कार मेरा नाम रमन है जयपुर में रहता हूँ उम्र 22 साल है! यह मेरी पहली कहानी है लेकिन है सच्ची यह घटना एक साल पहले मेरे साथ हुई थी।

मैं इसमे कुछ गंदी भाषा का प्रयोग भी कर रहा हूं लेकिन सिर्फ़ रोचक बनाने के लिये यह सिर्फ़ मुझे और मेरी भाभी को ही पता है और अब आप को मेरे भैया की शादी दो साल पहले ही हुई है भाभी का नाम नेहा जैन है भाभी बहुत ही सेक्सी गोरी स्लिम है।

भाभी के बड़े बड़े मम्मे

दोस्त की साली की अन्तर्वासना-Antarvasna

उनका बदन बहुत सुडौल है भैया एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में मुम्बई में सी ए हैं वो कभी कभी आते है भाभी को देख देख कर मैं तो जैसे पागल हुआ जा रहा था किसी न किसी तरह भाभी को छूने की कोशिश करता रहता था।

वो जब मेरे कमरे में झाडू लगाने आती तो जैसे ही झुकती तो मेरा ध्यान सीधे उनके ब्लाउज़ के अंदर चला जाता क्या गजब चूचियाँ हैं उनकी जी करता है कि पकड़ कर मसल दूँ पर मैं तो सिर्फ़ उन्हें देख ही सकता था भाभी और मुझ में बहुत ही अच्छी जमती थी।

हम हंसी मजाक भी कर लेते थे पर कभी भी घर में अकेले नहीं होते थे कोई न कोई घर में रहता ही था मैं सोचता था कि काश एक दिन मैं और भाभी अकेले रहे तो शायद कुछ बात बने सर्दी का मौसम था घर के सभी सदस्यों को एक रिश्तेदार की शादी में चेन्नई जाना था।

भैया तो रहते नहीं थे मम्मी पापा मैं और भाभी ही थेपापा ने कहा- शादी में कौन कौन जा रहा है मैंने कहा- मेरी तो परीक्षा आ रही है मैं तो नहीं जा पाऊँगा मम्मी बोली- चलो ठीक है इसकी मरजी नहीं है तो यह यहीं रह लेगा पर इसके खाने की समस्या रहेगी।

इतने में मैं बोला- भाभी और मैं यहीं रह जायेंगे आप दोनों चले जायें सबको मेरा विचार सही लगा अगले दिन मम्मी पापा को मैं रेलगाड़ी में बिठा आया अब मैं और भाभी ही घर में थे भाभी ने आज गुलाबी साड़ी और ब्लाउज़ पहन रखा था।

ब्लाउज़ में से क्रीम रंग की ब्रा साफ़ दिख रही थी मैं तो अपने को काबू ही नहीं कर पा रहा था पर भाभी को कहता भी तो क्या भाभी बोली- थैन्क यू देवर जी मैंने कहा- किस बात का भाभी बोली- मेरा भी जाने का मूड नहीं था।

अगर आपकी पढ़ाई खराब न हो तो आज सिनेमा चलें मैंने कहा- चलो पर कोई अच्छी मूवी तो लग ही नहीं रही है सिर्फ़ मर्डर ही लगी हुई है भाभी बोली- वही चलते हैं मैं चौंक गया भाभी कपड़े बदलने चली गई वापस आई तो उन्होंने गहरे गले का ब्लाउज़ पहना था।

उनके ब्रा और चूचों के दर्शन हो रहे थे मैंने कहा- भाभी अच्छी दिख रही हो भाभी बोली- थैंक्स हम सिनेमा हाल गये हमें इत्तेफ़ाक से सीट भी सबसे ऊपर कोने में मिली फ़िल्म शुरु हुई मेरा लंड तो काबू में ही नहीं हो रहा था अचानक मल्लिका का कपड़े उतारने वाला सीन आया।

भाभी के बड़े बड़े मम्मे

मेरी पहली बार चुदाई-First Time Sex Story

मैं देख रहा था कि भाभी के मुँह से सीत्कारें निकलनी शुरु हो गई और भाभी मेरा हाथ पकड़ कर मसलने लगी मेरा भी हौसला बढ़ा मैंने भी भाभी के कंधे पर हाथ रख दिया और धीरे-धीरे सहलाने लगाहाल में बिल्कुल अंधेरा था मेरा हाथ धीरे-धीरे भाभी के वक्ष पर आ गया।

भाभी ने भी कुछ नहीं कहा वो तो फ़िल्म का मज़ा ले रही थी अब मैं भाभी के चूचों को मसल रहा था और अब मैंने उनके ब्लाउज़ में हाथ डाल दिया भाभी सिर्फ़ सिसकारियाँ भरती रही और मुझे सहयोग करती रही अब फ़िल्म खत्म हो चुकी थी।

हम दोनों घर आ गये मैंने पूछा- क्यों भाभी कैसी लगी फ़िल्म भाभी बोली- मस्त मैंने कहा- भाभी भूख लगी है हम दोनों ने साथ खाना खाया मैं अपने कमरे में चला गया इतने में भाभी की अवाज़ आई- क्या कर रहे हो देवेर जी जरा इधर आओ ना मैं भाभी के बेडरूम में गया।

तो भाभी बोली- यह मेरी ब्रा का हुक बालों में अटक गया है प्लीज़ निकाल दोभाभी सिर्फ़ ब्रा और पेटीकोट में ही थी उसने क्रीम रंग की ब्रा पहन रखी थीमैंने ब्रा खोलने के बहाने उनके स्तनों को भी मसल दिया और पूरी पीठ पर हाथ फ़िरा दिया।

मैंने कहा- भाभी लो खुल गई ब्रा मैंने ब्रा को झटके से नीचे गिरा दियाअब भाभी ऊपर से पूरी नंगी हो चुकी थी हम दोनों पूरी मस्ती में आ चुके थे भाभी बोली- देवर जी भूख लगी है तो दूध पी लो मैंने भाभी को उठाया और बिस्तर पर ले गया।

उनका पेटीकोट भी खोल दिया अब वो पूरी नंगी हो चुकी थी और मैं भी मैंने शुरुआत ऊपर से ही करना मुनासिब समझा और भाभी के लाल लिपस्टिक लगे रसीले होंठों को जम कर चूसा उसके बाद बारी आई उनकी छाती की जिस पर दो मोटी मोटी दूध की टंकियाँ लगी थी।

उनके चुचूक का सबसे आगे का हिस्सा बिल्कुल भूरा था मैंने भाभी के चूचों को इतना मसला और चूसा कि सच में ही दूध निकल आया मैंने दोनों का जम कर आनंद लिया भाभी के मुँह से तो बस सिसकारियाँ ही निकल रही थी- आह आआ आ अह आह अब मैं वक्ष से नीचे भाभी की चूत पर आया।

क्या साफ़ चूत थी एक भी बाल नहीं मैंने पहले तो भाभी की चूत को खूब चाटा फिर नग्न फ़िल्मों की तरह जोर जोर से उंगली करने लगा भाभी आअह आआआह देवर जी कर रहे थी फिर मैंने भाभी को घोड़ी बनने के लिये कहा भाभी घोड़ी बन गई।

मैंने अपना लंड चूत में डाल दिया और जोर जोर से चोदने लगा इस तरह मैंने 30 मिनट तक भाभी को अलग अलग अवस्थाओं में चोदा सोफ़े पर भी अब मैं थक गया था भाभी बोली- तुमने तो मेरे बहुत मज़े ले लिए मेरे शानदार चूचे चूस-चूस और मसल मसल कर लटका और खाली कर दिए।

अब मेरी बारी है मैं लेट गया भाभी मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरे सीने पर मसलने और चूसने लगी और मेरे भी छोटे दूध निकाल दिये मैं भी भाभी के दूधों को मसल रहा था फिर भाभी मेरे लंड को पकड़ कर चूसने लगी करीब 15 मिनट तक उसने मेरे लंड को चूसा।

भाभी के बड़े बड़े मम्मे

लंड की भूखी मोटी आंटी की चुदाई-Hindi Sex Story

अब हम दोनों को नींद आ रही थी हम उसी हालत में सो गये सुबह उठ कर हम दोनों साथ ही टब में नहाये और मैंने भाभी के एक एक अंग को रगड़-रगड़ कर धोया इसके बाद भी हम 2-3 दिन तक सेक्स का आनंद लेते रहे अब भी कभी मौका मिलता है।

तो हम शुरु हो जाते हैं साथ में घर पर ही नेट पर साइट्स देखते हैं sexstoryinhindi.in की कहानियाँ पढ़ते हैं मुझे तो साड़ी सेक्स बहुत पसंद है एक एक कपड़ा ब्लाउज साडी ब्रा पेटीकोट खोलने का मज़ा कुछ और ही है मैं अपनी ड्रीम गर्ल को भी साड़ी में ही देखना चाहता हूँ दोस्तों अपको कैसी लगी यह कहानी।

By tharki

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *