सहेली के भाई ने दिया चुदाई का आनंद

हॉट स्कूल गर्ल लव स्टोरी में मैं मेरी सहेली के भाई को पसंद करती थी वह भी मुझे पसंद करता था मेरी सहेली ने हमारी दोस्ती करवा दी और हम बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड जैसे करने लगे थे नमस्कार दोस्तो कैसे हो सब मैं मानसी आपके लिए मेरी पहली कहानी लेकर हाजिर हूँ इसमें मैं बताऊंगी कि कैसे मेरी पहली चुदाई हुई थी दोस्तो मेरी उम्र साढ़े 19 साल है।

यह हॉट स्कूल गर्ल लव स्टोरी उस वक्त की है जब मैं 12वीं क्लास में थी उस समय मेरी उम्र 19 साल हुई ही थी और मेरी पहली चुदाई हो गई मेरा फिगर उस समय 32-24-34 का था मैंने कभी सेक्स नहीं किया था उस वक्त मेरा सेक्स करने का बहुत मन करता था इसलिए मैं अपनी चूत में उंगली पेन पेंसिल आदि भी डाल लेती थी मैं मेरे मम्मी पापा की इकलौती लाडली बेटी हूं।

मेरे पापा अक्सर अपने काम से शहर से बाहर जाते रहते हैं मेरे पापा जब शहर से बाहर जाते हैं तब मैं और मेरी मम्मी ही घर पर होते हैं जब मेरे पापा घर पर नहीं होते हैं तब अक्सर मैंने मेरी मम्मी को हमारे पड़ोसी अंकल के साथ सेक्स करते हुए देखा है उनको देख कर मेरा मन भी चुदने का करने लगता था मैं सोचा करती थी कि कोई मुझे भी मेरी मम्मी की तरह ही चोद दे।

सहेली के भाई ने दिया चुदाई का आनंद

लॉकडाउन में था खाली साली की चूत मारी-Jija Sali Sex Story

मेरी मम्मी हमारे जिस पड़ोसी अंकल से चुदती थी उनकी एक बेटी थी जिसका नाम मोहिता था और वह मेरी बहुत अच्छी सखी थी मोहिता और मैं एक ही क्लास में और एक ही स्कूल में साथ में पढ़ती थी मोहिता के दो बड़े भाई है जिनका नाम आयुष और रीतेश है मोहिता उन्हें सिर्फ भाई कह कर ही बुलाती थी हम लोग काफी लंबे समय से एक दूसरे के पड़ोसी हैं और हम लोगों की अच्छी बनती है।

इसलिए बचपन से ही मुझे भी आयुष और रीतेश को भैया बुलाने की आदत पड़ गई है मोहिता का बड़ा भाई आयुष मैथ्स में बहुत होशियार था और वह मुझे और मोहिता को अक्सर साथ में मैथ्स पढ़ता था आयुष भैया काफ़ी समय से मुझे पसंद करते थे और उसने बहुत बार मुझे पटाने के लिए कोशिश की थीं जब भी मैं और मोहिता उनके पास मैथ्स पढ़ने बैठते थे तब उनका ज्यादातर ध्यान मेरी तरफ ही रहता था।

आयुष जी की उम्र 25 साल की हो गई थी और वे अच्छी नौकरी पर भी लग गए थे उनके घर वाले उनकी शादी के लिए लड़की भी देख रहे थे जब भी हम लोगों की फैमिली साथ में होती थी और किसी की शादी के बारे में बात होती थी तो बात घूमफिर के आयुष जी की शादी पर आती थी जब भी आयुषजी की शादी के बारे में बात होती थी। 

तब वह सब के सामने मज़ाक करते हुए मेरी तरफ देख के बोलते थे- मुझे बहुत ही स्वीट और सिम्पल लड़की से ही शादी करनी है वे जब मेरी तरफ़ प्यार से देखते थे तब मुझे बहुत ही शर्म आती थी लेकिन एक अजीब सी अच्छी फीलिंग भी होती थी और मैं हंसते हुए मेरी नज़र झुका लिया करती थी कुछ ही महीनों पहले आयुष जी का जन्मदिन था और मुझे उनको गिफ्ट देने का मन हुआ।

मैं मोहिता को बाजार ले कर गई और मैंने आयुष जी के लिए उनकी पसंद का एक शर्ट गिफ्ट लिया आयुष जी के लिए गिफ्ट लेकर मैंने मोहिता को दिया और उसको कहा- यह शर्ट अपने आयुष भैया को दे देना मोहिता ने कहा- नहीं मैं नहीं दूंगी तूने लिया है तो तू ही उनको देना मैंने मोहिता को बहुत समझाया लेकिन वह नहीं मान रही थी।

मोहिता ने उस दिन खुल कर मुझे कहा- देख मैं बहुत समय से देख रही हूं कि भाई तुझे बहुत पसंद करते हैं और तू भी उनको पसंद करती हैं और इसलिए ही तूने उनके लिए गिफ्ट लिया है मैंने मोहिता से कहा- नहीं ऐसी कोई बात नहीं है यह तो बस उनका जन्मदिन है इसलिए मैंने लिया है मैंने मोहिता से बहुत बहस की लेकिन वह नहीं मानी।

उसने भी मुझसे बहुत बहस की और मुझे समझाया- तू मेरे भाई को पसंद करती है आखिरकार मुझे मोहिता के सामने झुकना पड़ा और मैंने मोहिता के सामने स्वीकार किया कि मैं उसके भाई को पसंद करती हूं मैंने मोहिता से रिक्वेस्ट किया- यार प्लीज यह शर्ट उनको दे देना मुझे शर्म आ रही है मोहिता ने कहा- ठीक है दे दूँगी लेकिन इसमें तू एक अच्छा सा कार्ड डाल दे जो तेरी फीलिंग शेयर कर सके।

उसके कहने पर मैंने गिफ्ट के साथ एक फ्रेंडशिप वाला कार्ड लेकर गिफ्ट के साथ मोहिता के हाथ भेज दिया मोहिता ने गिफ्ट लेकर अपने भैया को दे दिया और फिर मुझे चिढ़ा कर कहने लगी- भाभी जी मैंने आपका गिफ्ट भैया को दे दिया है और उनको पसंद भी आया है दूसरे दिन जब आयुष ऑफिस जाने के लिए निकल रहे थे तब मोहिता ने मुझे कॉल कर किया।

ऑफिस जाते हुए आयुष भैया ने मेरा गिफ्ट किया हुआ शर्ट ही पहना था मोहिता- क्या कर रही है भाभीजी मैं- मज़ाक मत कर, सीधे सीधे बता क्या काम है मोहिता- भैया ऑफिस जाने के लिए निकल रहे हैं और उन्होंने तुम्हारी गिफ्ट की हुई शर्ट पहनी है देख ले मैंने मोहिता का कॉल कट किया और घर के दरवाज़े पर आ गई।

आयुष जी वही शर्ट पहनकर ऑफिस जाने के लिए निकले और मेरी तरफ देख कर स्माइल करते हुए चले गए मैं दरवाजे पे खड़ी होकर उनको देख रही थी और मोहिता अपने घर से मुझे देख रही थी आयुषजी के जाने के बाद मोहिता मेरे घर पर आई मैं घर के काम में मेरी मम्मी का हाथ बटा रही थी मोहिता ने आकर मुझसे स्कूल के नोट्स मांगे और बहाना बना कर मुझे मेरे कमरे में ले गई।

कमरे में जाते ही मोहिता ने मुझे गले लगाया और मेरे गाल पर कस कर किस किया और कहा- भैया को तुम्हारी गिफ्ट पसंद आई उन्होंने तुम्हारे लिए रिटर्न गिफ्ट में हग और किस भेजा है मैंने मोहिता से कहा- चुप कर पागल ऐसा मज़ाक मत किया कर मोहिता ने कहा- इतना क्यूं शर्मा रही है भैया को फोन कर और अपने दिल की बात बता दे।

थोड़ी देर ऐसी वैसी बात कर के मोहिता ने मुझे कहा- यार प्यास लगी है ठंडा पानी तो ले आ मैं पानी लेने के लिए नीचे किचन में गई और मोहिता ने मेरा फोन ले कर आयुष जी को हाई का मैसेज कर दिया जब मैं पानी लेकर आई तब मोहिता मेरे फोन में कुछ कर रही थी मैंने कहा- क्या कर रही है तो उसने कहा- कुछ नहीं भैया को हाय कहा और अब उनका नाम बदल रही हूं।

मैंने मोहिता के हाथ से मेरा फोन ले लिया और देखा तो उसने सच में आयुष जी को हाय का मैसेज किया था और उनका नाम आयुष भैया की जगह माय लव कर के बदल दिया था उस समय मैंने मोहिता पर थोड़ा गुस्सा किया और उसको अपने घर वापस भेज दिया मोहिता के जाने के बाद आयुष जी का मैसेज आया थैंक्स करके मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या कहूं।

लेकिन बाद में उनके मैसेज आने लगे और मैं उनको रिप्लाई करने लगी इस तरह से पूरी दोपहर कैसे गुज़र गई पता ही नहीं चला शाम तक मोहिता के प्रति मेरा गुस्सा बिल्कुल शांत हो गया था तो मैं उसके पास गई, उसको सॉरी कहा और उसके साथ बात की आयुष जी ऑफिस से निकले और उन्होंने मुझे कॉल किया उस दिन पहली बार उनका कॉल आया था।

फोन में ‘माय लव’ नाम देख कर मोहिता ने मुझे कहा- चल मेरे रूम में आकर बात कर ले उस दिन से मैसेज और कॉल पर हमारी बातें शुरू हो गई धीरे धीरे हम लोगों का बाहर छुप छुप कर कभी कभी मिलना शुरू हो गया धीरे धीरे हम दोनों एक दूसरे के पास आने लगे थे और एक दूसरे से मिलना बढ़ने लगा था कभी कभी मौका मिलने पर हग और किस किया करते थे।

जब मेरा जन्मदिन आया तब मैंने मेरे पापा से कहा- मैं सबको पार्टी देना चाहती हूं मेरे पापा ने मेरे जन्मदिन पर बहुत बड़ी पार्टी रखी मेरे जन्मदिन की पार्टी में हमारे सारे पड़ोसी रिश्तेदार और मेरे सब स्कूल फ्रेंड्स भी आए हुए थे पार्टी में आयुष भी आए थे केक काटने के बाद सब के साथ मैंने बहुत सारे फ़ोटो खिंचवाए मोहिता और उसकी फैमिली के साथ भी हमने फ़ोटो खिंचवाए।

पार्टी खत्म होने के बाद सब लोग अपने घर चले गए और सब के सोने के बाद आयुष जी का मुझे मैसेज आया और उन्होंने मुझे छत पर बुलाया रात को चुपचाप मैं छत पर आयुषजी को मिलने गई वे मेरे लिए जीन्स और टीशर्ट गिफ्ट लाए थे उन्होंने मुझे कहा- इसे अभी पहन कर दिखा ना कैसी लग रही है मुझे देखना है तुझे मैं शर्मा गई और मैंने उनको कहा- अब जाओ बहुत रात हो गई है। 

कोई इतनी रात को हमे यहां देख लेगा तो हंगामा हो जाएगा आयुषजी ने कहा- ऐसे कैसे जाऊं तुमने अपने जन्मदिन पर सब को केक खिलाया लेकिन मुझे ही नहीं खिलाया मैंने कहा- सबको मतलब मैंने मेरी फैमिली को ही खिलाया है आपको सबके सामने कैसे खिलाती उन्होंने कहा- ठीक है अब तो सिर्फ में ही हूं और कोई नहीं है। 

अब तो खिला दे मैंने उनको कहा अभी मैं केक कहा से लाऊं कल खिला दूँगी उन्होंने कहा- कल नहीं मुझे आज और अभी खाना है यहां आओ मैं खा लेता हूं मैं कुछ बोलती उसके पहले ही उन्होंने मुझे अपने पास खींच लिया और मेरे होठों पर चुम्बन करने लगे तब मैं भी उनको किस करने लगी और वे मुझे किस करते हुए अपना हाथ मेरी कमर पर घुमा रहे थे।

धीरे धीरे उनके हाथ मेरी कमर से घूमते हुए मेरी गान्ड पर पहुंच गए और उन्होंने मेरे कूल्हे दबाना शुरु किया मेरे कूल्हे दबाते हुए उन्होंने अपना हाथ मेरी गान्ड के छेद में दबाना शुरू किया मैंने किस करते हुए उनका हाथ वहाँ से हटाया फिर उन्होंने किस करते हुए मेरे कूल्हे पकड़ कर मुझे उठा लिया और हम दोनों के घर की छत के बीच की छोटी दीवार पर बैठा दिया।

वे मुझे हग और किस करते हुए धीरे से अपना हाथ मेरे दूध पर ले आए और उन्होंने मेरे दूध को दबाना शुरू कर दिया कुछ ही देर में मेरी चूत गीली होने लगी थी. हॉट स्कूल गर्ल लव का यह मेरा पहला ऐसा अनुभव था और वे मेरी ड्रेस उतारने वाले थे तभी मैंने उनको रोक दिया और कहा- बस इतना ही अब जाकर सो जाओ उस दिन उन्होंने मुझे छोड़ दिया और हम दोनों अपने अपने घर चले गए।

कमरे में जाकर भी मुझे चैन नहीं मिला और मैं उनके बारे में सोच सोच कर मेरी चूत में उंगली करने लगी मेरे जन्मदिन के 3 दिन बाद मकर संक्रांति का त्योहार था और हमारे यहां ये त्योहार बड़ी जोर शोर से मनाया जाता है सब लोग पूरा दिन छत पर म्यूजिक सिस्टम लगा कर पतंग उड़ाते हैं मकरसंक्रांति पर मैंने आयुषजी के दिए हुए जीन्स और टीशर्ट पहने थे।

और मुझे जीन्स और टीशर्ट में देख कर आयुष को मैं बहुत अच्छी लग रही थी उस दिन पूरा दिन हम सब फैमिली के साथ छत पर थे और आयुष जब पतंग उड़ा रहे थे तब मैं उनके साथ फिरकी पकड़ कर खड़ी रहती थी मुझे पतंग उड़ाना नहीं आता है इसलिए आयुष मुझे पतंग उड़ा कर पकड़ने के लिए दिया करते थे और जब पतंग नीचे गिरने लगती या कोई और पतंग मेरी पतंग काटने के लिए आती थी। 

तब वे मेरे पीछे आ जाते और मुझे चिपक कर मेरा हाथ पकड़ कर पतंग को नीचे गिरने से या काटने से बचा लेते जब भी वे ऐसा करते थे तब साफ साफ ऐसा लगता था कि वे मुझे पीछे से हग कर रहे हैं उनका लन्ड मेरी गान्ड को छूता था और उनका हाथ मेरे दूध को छूता था पतंग उड़ाते हुए उन्होंने बहुत बार ऐसा किया और किसी को शक भी नहीं हो रहा था।

मकर सक्रांति के बाद शादियों का सीजन शुरू हो रहा था और मेरे पापा के दोस्त के बेटे की शादी थी मेरे स्कूल चालू थे इसलिए मेरे मम्मी पापा मुझे घर पर अकेली छोड़ कर दो दिन शादी में गए थे मैं घर पर अकेली थी और रात को मुझे नींद नहीं आ रही थी मैं आयुष के साथ मैसेज में चैट कर रही थी और रात के 11:30 हो गए थे।

सहेली के भाई ने दिया चुदाई का आनंद

तेल मालिश के बहाने मालकिन की चूत चुदाई-Hindi Sex Story

रोज में 11 या ज्यादा से ज्यादा 11:15 तक सो जाती थी लेकिन उस रात को 11:30 को भी मुझे नींद नहीं आ रही थी आयुष ने मुझे कहा- क्या बात है आज तुझे नींद क्यूं नहीं आ रही मैंने कहा- कुछ नहीं बस घर पर कोई नहीं है इसलिए नींद नहीं आ रही है आयुष ने कहा- कोई नहीं है तो मैं आ जाऊं मुझे भी नींद नहीं आ रही है साथ में सो जाएंगे।

मुझे लगा कि वे मज़ाक कर रहे हैं तो मैंने भी मजाक में कह दिया- आ जाओ 4-5 मिनट के बाद मेरे घर की छत के दरवाज़े पर ठक ठक की आवाज़ हुई मैं घर पर अकेली थी और छत पे ठक ठक की आवाज़ से मैं बहुत डर गई मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं मुझे लगा कोई चोर तो नहीं आ गया मैं इतना डर रही थी कि मेरे पसीने छूट रहे थे और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं।

तभी आयुष का कॉल आया मेरे फोन की रिंग सुन कर भी मैं पहले घबरा गई फिर आयुष का फोन देख कर मैंने उनसे बात की मैंने घबराते हुए हेलो कहा आयुष ने कहा- क्या हुआ इतना क्यों डरी हुई हो मैंने कहा- छत पर कोई है आवाज़ आ रही है आयुष ने कहा- छत पर कोई नहीं है मैं ही हूं आ कर दरवाज़ा खोल मैंने डरते हुए छत का दरवाज़ा खोला और वहां आयुष ही था।

मैं इतना डरी हुई थी और रो रही थी. मैं तुरंत ही आयुष के गले लग गई और रोने लगी आयुष ने मुझे बहुत समझाया और धीरे धीरे वह मुझे नीचे मेरे कमरे में ले आए कुछ देर बाद आयुष ने मुझे पानी पिलाया और मुझे रिलैक्स कियाकमरे में आयुष मेरे बिस्तर पर लेट गए और अपने बाएं कंधे को लंबा किया और मुझे अपने बाएं कंधे पर सर रख कर अपने बगल में लेटा दिया।

मैं आयुष के कंधे पर सर रख कर उनकी बगल में लेट गई और उन्होंने मुझे अपनी बांहों में ले लिया मुझे अपनी बांहों में ले कर वह अपने दाएं हाथ से मेरे बालों को सहलाने लगे फिर उन्होंने अपने बाएं हाथ से मेरे गाल को सहलाया और फिर अपना अंगूठा मेरे होठों पर घुमाया और मेरे होठों पर अपने होंठ रख कर मुझे किस करने लगे मैंने भी उनको अपने गले लगा लिया और मैं भी उनको किस करने लगी।

वे मुझे किस करते हुए अपने हाथ मेरी पीठ पर घुमा रहे थे कुछ देर बाद किस करते हुए उन्होंने अपने हाथ मेरी कमर पर और गान्ड पर फिराए थोड़ी देर बाद वे सीधे लेट गए और उन्होंने मुझे अपने ऊपर लेटा दिया मैं उनके ऊपर लेट कर उनको होठों पर किस कर रही थी और वह अपने दोनों हाथों से मेरे कूल्हे धीरे धीरे दबा रहे थे।

उनका लन्ड खड़ा हो गया था और उनकी शॉर्ट्स के अंदर उछल रहा था उनके ऊपर लेट कर उनको किस करते हुए मुझे उनके लन्ड के उछलते हुए झटके महसूस हो रहे थे लन्ड के उछलते हुए झटके महसूस करके मैं उनके ऊपर से वापस नीचे उनकी बगल में आ गई और फिर वे मुझे किस करने लगे।

मुझे किस करते हुए उन्होंने अपना दायां हाथ मेरे बाएं दूध पर रखा और मेरे दूध को धीरे धीरे मसलना शुरू कर दिया वे किस करते हुए धीरे धीरे मेरे दूध मसल रहे थे और मेरी चूत ने गर्मी पकड़ना शुरू कर दिया मेरे दूध के निप्पल कड़क हो गए और मेरी चूत चिकनी हो गई मैं बहुत गर्म हो गई और मैंने उनकी टी शर्ट उतार दी और मैं उनको छाती पर और गले पर चूमने लगी।

मेरे होठों की गर्मी से वे भी गर्म हो गए उनके गर्म हो जाने के बाद उन्होंने मुझे बिस्तर पर बैठाया और वे मेरी टीशर्ट उतारने लगे मुझे थोड़ी शर्म आ रही थी तो मैंने उनको मेरी टीशर्ट उतारने से थोड़ा रोकना चाहा लेकिन उन्होंने मेरे हाथ हटाकर मेरी टीशर्ट उतार दी मेरी शर्ट उतार कर उन्होंने मुझे बिस्तर पर घुटनों पर बैठा दिया और वह मेरे सामने घुटनों पर बैठ गए।

उनके हाथ मेरे कंधों पर रख कर वे मुझे गले पर और मुंह पर किस करने लगे मैं शर्म से पानी पानी हो रही थी और वे किस करते हुए अपने दोनों हाथों से मेरे दोनों दूध दबाने लगे कुछ ही देर में उन्होंने मेरी ब्रा को भी निकाल दी और मेरे दूध को दबाने लगे मेरे दूध को दबाने के बाद वे धीरे धीरे मेरे गले से चूमते हुए मेरे दूध तक पहुंच गए मैं शर्मा कर बिस्तर पर उल्टी लेट गई और वे मेरी बगल में लेट गए।

मेरे बगल में लेट कर उन्होंने मेरे बालों को मेरी पीठ से हटाया और मेरी पीठ पर किस करने लगे मुझे पीठ पर किस करते हुए उन्होंने अपना हाथ मेरी गान्ड पर रखा और बारी बारी मेरे कूल्हे दबाए और फिर उनका हाथ मेरी चूत तक पहुंच गया मेरी बगल में लेट कर उन्होंने मेरे बालों को मेरी पीठ से हटाया और मेरी पीठ पर किस करने लगे।

मुझे पीठ पर किस करते हुए उन्होंने अपना हाथ मेरी गान्ड पर रखा और बारी बारी मेरे कूल्हे दबाए और फिर उनका हाथ मेरी चूत तक पहुंच गया अब आगे स्कूल गर्ल चूत चुदाई कहानी वे मुझे किस करते हुए अपने हाथ से मेरी चूत को सहलाने लगे मेरी चूत पहले ही झड़ चुकी थी और उनके हाथ से सहलाने से फिर गर्म हो गई फिर मैं उनकी तरफ हो गई और उन्होंने मेरे दूध को धीरे धीरे चूसना शुरू किया।

उनके होठों की गर्मी से मैं भी खुद को रोक नहीं सकी और मैंने उनको मेरे सीने से चिपका लिया मैंने कस कर उनको खुद से चिपकाया हुआ था और वे मेरे उरोज धीरे धीरे चूस रहे थे उन्होंने मेरे हाथ को पकड़ कर अपने लन्ड पर रख दिया मेरा हाथ उनके लन्ड पर पड़ते ही मुझे महसूस हुआ कि उनका लन्ड बहुत कड़क हो चुका है मैंने धीरे धीरे उनकी शॉर्ट्स के ऊपर से उनका लन्ड मसलना शुरू कर दिया।

मैं उनके लन्ड को रगड़ रही थी और वे मेरे दूध चूस रहे थे मेरे दूध चूसते हुए उन्होंने मेरी ट्राउजर थोड़ी नीचे कर दी और मेरी गान्ड को खोल दिया मेरी गान्ड को खोल कर उन्होंने मेरे कूल्हे दबाए और मेरी पैंटी को मेरे कूल्हों के बीच कर दिया और जोर जोर से वे मेरे कूल्हे दबाने लगे उन्होंने मेरी ट्राउजर को आधा नीचे उतार दिया था इसलिए मैं मेरे दोनों पैर पूरी तरह से खोल नहीं पा रही थी।

मैंने उनको कुछ पल के लिए रोका और मैं मेरी ट्राउजर को उतारने के लिए खड़ी हो गई मैं बिस्तर के पास खड़ी होकर मेरी ट्राउजर उतार रही थी और वे बिस्तर के पास बैठ गए मैंने मेरी ट्राउजर पूरी उतार दी मैं बिस्तर पर जा रही थी पर उन्होंने मुझे अपने पास खड़ी किया मुझे अपने पास खड़ी करके उन्होंने मेरी नाभि पर किस किया और मेरी नाभि में अपनी जीभ को डाल कर हिलाने लगे।

इससे मुझे बहुत गुदगुदी होने लगी और मैं बिस्तर पर लेट गई बिस्तर पर लेटते ही उन्होंने मेरी पैंटी को उतार दिया और मेरी चूत को सहलाने लगे मेरी चूत पर छोटे छोटे बाल थे उन्होंने हल्के हाथ से मेरी चूत को सहलाया मेरी चूत को सहलाने के बाद उन्होंने मेरी जांघों पर किस किया और कहा- तुम जब भी टाइट सलवार पहनती हो तब तुम्हारी गान्ड और जांघ बहुत ही सेक्सी लगती हैं। 

तुम्हारी गान्ड भी बहुत सॉफ्ट है फिर उन्होंने धीरे धीरे मेरी जांघों से किस करते हुए अपने मुंह को मेरी चूत पर रखा और वे मेरी चूत चूमने चाटने और चूसने लगे कुछ देर के बाद उन्होंने अपनी जीभ को मेरी चूत में डाल दिया और वह अपनी जीभ को मेरी चूत में हिलाने लगे वे मेरी चूत से खेल रहे थे और मैंने उनके सिर को मेरी जांघों के बीच दबा दिया था।

मेरी कमर को पकड़ कर आयुष मेरी चूत से खेल रहे थे और मैं बिस्तर पर लेटे लेटे छटपटा रही थी कुछ देर बाद मैं पुनः झड़ने वाली थी तो मैंने उनके मुंह को मेरी चूत से हटा दिया जैसे ही उनका मुंह मेरी चूत से हटा मेरी चूत से जोरदार पानी निकला और बिस्तर भी थोड़ा गीला हो गया मेरी चूत को चूमने चाटने और चूसने के बाद जब उसमें से बहुर सारा पानी निकला था।

तब उन्होंने मेरी चूत में उंगली डाल कर हिलाना शुरू किया उनकी उंगली मेरी चूत में अंदर बाहर हो रही थी और मेरी चूत पानी छोड़े जा रही थी मेरी चूत से पानी निकाल कर वे खड़े हो गए और उन्होंने अपनी शॉर्ट्स उतार दी और उनका खड़ा लन्ड बाहर निकाला उन्होंने मुझे कहा- मुंह में लो इसे मैं उनके करीब गई और मैंने ऊपर ऊपर से उनका लन्ड मुंह में लिया।

वे धीरे धीरे मेरे मुंह को अपने लन्ड पर दबा रहे थे उनका आधा लन्ड मेरे मुंह में चला गया था उनका लन्ड काफी लम्बा और मोटा है मैं उनका लन्ड मुंह में लेकर बैठी थी और उन्होंने मेरे मुंह को पकड़ कर अपने लन्ड को मेरे मुंह में हिलाना शुरू किया धीरे धीरे उनका लगभग पूरा लन्ड मेरे मुंह में अंदर तक चला गया था उन्होंने मुझे बहुत समय तक लन्ड चुसवाया और फिर मुझे बिस्तर पर लेट जाने के लिए कहा।

मैं बिस्तर पर लेट गई और वे अपने घुटनों पर मेरे दोनों पैर फैला कर बीच में बैठ गए फिर उन्होंने अपने बाएं हाथ को मेरी दायीं जांघ पर रखा और अपने बाएं हाथ से अपने लन्ड को पकड़ कर मेरी चूत पर रगड़ा स्कूल गर्ल चूत चुदाई शुरू होने को थी मेरी चूत पर अपना लन्ड रगड़ते हुए उन्होंने अचानक से एक जोर का धक्का लगाकर अपने लन्ड का सुपारा मेरी चूत में डाल दिया।

अचानक से झटके के साथ मोटा लन्ड मेरी चूत में घुसते ही दर्द के मारे मैं जोर से ‘ओहह हहह माँआआ करके चीख पड़ी और कमर थोड़ी उठाकर उनको रोकने लगी मेरी चूत में लन्ड का सुपारा डालते ही उन्होंने अपना दूसरा हाथ फ्री कर लिया था और मुझे उठने से रोकने के लिए तैयार रखा था उन्होंने मुझे रोका और कहा- बस हो गया, अब कुछ नहीं होगा, तुम आराम से लेट जाओ।

सहेली के भाई ने दिया चुदाई का आनंद

पड़ोसन की चूत और मेरा लंड-First Time Sex Story

मैं दर्द से छटपटा रही थी और आह हह निकालो इसे प्लीज बहुत दुख रहा है बोलती हुई और अपने हाथों को बिस्तर पर जोर से पटक रही थी मेरी आंखों से पानी निकल रहा था और मुंह से दर्द की चीख निकल रही थी उन्होंने अपने लन्ड को मेरी चूत से निकाला ही नहीं और थोड़ी देर मुझे शांत होने दिया मैं धीरे धीरे शांत हो रही थी मेरी चूत में फिर भी दर्द हो रहा था।

उन्होंने फिर अपना दूसरा हाथ मेरी कमर पर रखा और धीरे धीरे अपना लन्ड मेरी चूत में अंदर डाला वे धीरे धीरे आगे पीछे होते हुए अपने लन्ड को मेरी चूत में अंदर डाल रहे थे आयुष का लन्ड मेरी चूत को फाड़ते हुए अंदर ही अंदर जा रहा था उनके लन्ड के घिसाव से मेरी चूत में दर्द और जलन होने लगी थी और वे मेरी कमर को पकड़ कर अपने लन्ड को मेरी चूत में डाल रहे थे।

मैं दर्द से ऊह हह आह हहह कर रही थी मैंने बिस्तर की चादर को कस कर अपनी मुट्ठी में पकड़ा हुआ था और बोल रही थी- प्लीज रूक जाओ मत करो बहुत दुख रहा है मेरी आंखों से पानी निकल रहा था और मेरी सांसें फूल गई थी मैं दर्द से पूरी तरह से बेहाल हो गई थी और कमजोर हो रही थी उन्होंने मेरे गाल पर हल्के हल्के चांटा मारा और कहा- बस अब सब हो गया है। 

अब कुछ नहीं होगा दर्द को भूल कर मज़ा लो वे धीरे धीरे मेरी चूत में अपना लन्ड हिला रहे थे उनको पता था कि मेरी चूत से खून निकल रहा है तभी उनको लगा कि मैं बेहोश हो रही हूं तो वे मुझे जगाने के लिए मेरे मुंह पर हल्के हल्के चांटे मार रहे थे थोड़ी देर बाद मेरा दर्द कम हुआ और फिर वे मेरी चूत में अपना लन्ड अंदर बाहर करने लगे मेरा दर्द तो कम हुआ लेकिन मेरी चूत में जलन और होने लगी।

मैं बिस्तर की चादर को अपनी मुट्ठी में पकड़ कर ऊहह आह हहह कर रही थी और वे धीरे धीरे मुझे चोद रहे थे उनके लन्ड के धक्कों से मैं भी पूरी ऊपर नीचे हो रही थी उन्होंने मुझे 15 मिनट से ज्यादा ऐसे ही चोदा फिर वे मेरी चूत में ही अपना सारा माल डाल कर झड़ गए मुझे तो होश ही नहीं था कि क्या हो रहा है जब उन्होंने मेरी चूत से अपना लन्ड बाहर निकाला तब मेरी चूत दिल की धड़कन की तरह धड़क रही थी।

मेरी चूत में दर्द और जलन हो रही थी वे मेरी चूत से लन्ड निकाल कर तुरंत बाथरूम में अपना लन्ड साफ करने गए पर मैं बिस्तर से उठ भी नहीं पा रही थी वे अपना लन्ड साफ कर के आए, तब तक में थक कर सो गई थी मैं नंगी ही सो गई थी और वे मेरे बगल में आ कर लेट गए। मैं बायीं ओर पलट कर गहरी नींद में सोई हुई थी मेरा एक पैर ऊपर की ओर मुड़ा हुआ था और मेरी चूत खुली हुई थी।

करीब आधे घण्टे बाद उन्होंने अपने लन्ड को फिर से खड़ा किया और मेरी खुली हुई चूत पर रख कर फिर से अंदर डाल दिया जैसे ही उनका लन्ड मेरी चूत में अंदर गया, मेरी नींद उड़ गई मैंने उनको रोकने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कस कर मुझे पकड़ लिया और मेरी चूत में अपना लन्ड डालने लगे मैं उनको रोक न सकी और वह मुझे चोदने लगे।

पहले से दर्द और जलन कम हो गई थी और थोड़ा थोड़ा मज़ा भी आने लगा था कुछ देर मैं ऐसे ही चुदवाने लगी फिर मैंने उनको कहा- पहले की तरह करो ना उन्होंने अपने लन्ड को मेरी चूत से निकाला और मैं मेरे पैर खोल कर उनके सामने लेट गई तब उन्होंने फिर से मेरी चूत में लन्ड डाल दिया और मेरे पैरों को अपने कंधों पर रख कर मेरी चुदाई करने लगे।

मुझे भी मज़ा आने लगा था और मैं भी मेरी गान्ड उठा उठा कर उनसे चुदवाने लगी थी उनके धक्कों से मैं ऊपर नीचे हो रही थी मेरे दूध भी उछलने लगे थे वे मेरी चूत में धक्के लगाते हुए मेरे दूध को दबाने लगे और मैं 2 बार झड़ गई 15-20 मिनट तक उन्होंने मुझे आराम से चोदा, फिर उन्होंने अपनी स्पीड बढ़ाई और वे भी झड़ गए दुबारा अपना सारा माल उन्होंने मेरी चूत में भर दिया।

दूसरी बार झड़ कर उन्होंने अपना लन्ड मेरी चूत से निकाला और फिर वे मेरी बगल में लेट गए दूसरी बार चुदवा कर मैं खड़ी हुई और बाथरूम में गई मैंने खुद को अच्छे से साफ किया मेरी चूत से बहुत सारा वीर्य और थोड़ा खून भी निकला मुझे बाथरूम में थोड़ा वक्त लगा तब तक वे सो गए थे वे भी मेरी तरह नंगे ही सो गए थे मैंने मेरी ब्रा और पैंटी पहनी और मैं भी उनकी बाहों में सो गई।

हम दोनों बहुत ही गहरी नींद में सो गए थे सुबह के करीब 4:30 बजे मेरी नींद खुली मैंने देखा तो वे बहुत गहरी नींद में सो रहे थे मेरी नज़र उनके लन्ड पर गई वह एकदम झुका हुआ था मेरे दिमाग में ख्याल आया कि यह वही है जिसने रात को मेरी चूत फाड़ दी और मेरी जान निकाल दी थी मैं लन्ड को देख कर बहुत कुछ सोच रही थी फिर मैंने उनके लन्ड को पकड़ा और उसको चूमने लगी।

इससे उनका लन्ड खड़ा हो रहा था मैंने उनका लन्ड पकड़ कर चूसना शुरू कर दिया उनकी भी नींद खुल गई और वे मेरे मुंह में अपना लन्ड देने लगे उन्होंने मेरे बालों में अपना हाथ फंसाया और मुझे अपना लन्ड चुसवाने लगे कुछ देर बाद उन्होंने मुझे कहा- मेरे ऊपर आ जा और अपनी चूत मेरे मुंह की तरफ कर के चूस मैंने मेरी चूत उनके मुंह की तरफ कर दी।

हम दोनों 69 की पोजिशन में हो गए थे वे मेरी चूत को चाटने की कोशिश कर रहे थे मेरी हाइट उनसे कम थी और मैं उनका लन्ड चूस रही थी इसलिए उनका मुंह मेरी चूत तक नहीं पहुंच रहा था वे मेरी चूत चाटने की कोशिश करते तो मैं उनका लन्ड नहीं चूस पाती थी फिर उन्होंने मेरी चूत चाटना छोड़ दिया मेरी चूत उनके सामने थी उन्होंने मेरी चूत पर थूक उड़ाया और फिर अपने हाथ से मसलने लगे।

मैं उनका लन्ड पूरा मुंह में ले रही थी और वे मेरी चूत में अपनी उंगली डाल कर हिलाने लगे मैंने उनका लन्ड चूस चूस कर टाइट कर दिया और फिर वे मेरी चूत मारने के लिए तैयार हो गए वे बिस्तर से उठे और उन्होंने मुझे अपनी जगह लेटा दिया मैंने मेरे पैर फैला कर मेरी चूत उनके हवाले कर दी उन्होंने अपने लन्ड को मेरी चूत पे रखा और एक ही झटके में आधा लन्ड मेरी चूत में डाल दिया।

फिर उन्होंने मेरी पैरों के नीचे से अपने हाथ मेरे पेट पर रखे और मेरी चूत में अपना लन्ड हिलाने लगे उनका लन्ड धीरे धीरे मेरी चूत में अंदर तक चला गया इस बार मैं पूरी तरह से लन्ड का मज़ा ले रही थी मुझे महसूस हो रहा था कि उनका लन्ड मेरी चूत के अंदर से मेरे पेट तक पहुंच रहा था वे मेरी चूत चोद रहे थे और मैं भी गान्ड ऊपर उठा उठा कर उनसे चूत चुदवा रही थी।

मेरे मुंह से आह आह ओह आह की आवाज़ के साथ साथ और चोदो पूरा अंदर घुसेड़ो ऐसी आवाज निकल रही थीं वे मेरी चूत मारते हुए कभी मेरे ऊपर लेट कर मुझे होठों पर किस करते थे, तो कभी कभी मेरे दूध चूस लेते थे थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझे मेरी कमर से मोड़ दिया और अपना पूरा लन्ड मेरी चूत में डाल दिया ऐसे ही मेरी चूत चोदते हुए वह कभी मेरे ऊपर मेरे दूध चूसने आ जाते तो कभी मुझे किस करने आ जाते।

कभी वे मेरे दोनों पैरों को पूरा ऊपर उठा कर चोदते थे तो कभी वह मेरे दोनों पैरों को थोड़ा नीचे कर के चोद रहे थे तो कभी कभी वे मेरा एक पैर ऊपर और दूसरा नीचे कर के चोदते थे 20 मिनट तक चुदने के बाद मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया लेकिन वे मुझे चोदे जा रहे थे उसके बाद उन्होंने मेरे दोनों पैरों को दायीं साइड कर दिया और मेरी कमर को जोर से दबा कर मेरी चूत में लन्ड डाल कर मुझे जोर लगाकर चोद रहे थे।

थोड़ी देर बाद उन्होंने अपनी स्पीड बढ़ाई और मेरे कूल्हे को थप-थप कर के थपेड़ते हुए जोर जोर से मुझे चोदा 5 से 7 मिनिट बाद उन्होंने मुझे दाईं तरफ से बाईं तरफ घुमाया और फिर जोर जोर से थपेड़ते हुए चोदा काफी देर लगातार मुझे चोदने के बाद उन्होंने अपना सारा माल फिर से मेरी चूत में गिरा दिया उनके झड़ने के बाद हम दोनों कुछ देर साथ में नंगे लेट गए।

सहेली के भाई ने दिया चुदाई का आनंद

मेरी दी ने मुझे चोदना सिखाया-Bhai Behen ki Chudai

मैं उनकी बाहों में थी हम दोनों एक दूसरे से प्यार भरी बातें कर रहे थे कुछ देर बाद मुझे फिर से शैतानी सूझ रही थी और मैं मेरी चूत में उंगली करते हुए उनके लन्ड को पकड़ कर हिला रही थी उन्होंने वक्त देखा तो सुबह के 5:20 हो रहे थे वे उठ कर अपने कपड़े पहनने लगे मैंने उनको कहा- क्या हुआ कहाँ जा रहे हैं।

उन्होंने कहा- वक्त देखो सब के जागने से पहले मैं घर चला जाऊं कोई देखेगा तो हंगामा हो जाएगा वे कपड़े पहन कर जा रहे थे मेरा मन नहीं मान रहा था मैंने उनको रोकना चाहा लेकिन उनकी बात भी सही थी वे जा रहे थे और तभी मैंने उनको रोक कर एक लंबी किस ली फिर वे अपने घर चले गए उनको छत पर छोड़ कर जब मैं नीचे कमरे में आई तब बिस्तर की हालत देख कर मैं सोच में पड़ गई।

स्कूल गर्ल चूत चुदाई से बिस्तर पर खून के धब्बे और वीर्य के धब्बे पड़ गए थे मैं भी थकी हुई थी और मैं यूं ही बिना कपड़े पहने सो गई सुबह 10 बजे जब मेरी नींद खुली तब मेरा पूरा बदन दर्द से कराह रहा था मेरे पेट में भी दुख रहा था और चलने में भी मुझे परेशानी हो रही थी।

मैंने खुद को संभाला और फिर फ्रेश होकर घर का सारा काम धीरे धीरे खत्म किया दिन भर काम करने के बाद दोपहर को आयुष का मैसेज आया था कि वे रात को फिर मेरे घर आयेंगे और मुझे चोदेंगे प्यारे पाठको, आपको इस स्कूल गर्ल चूत चुदाई कहानी को पढ़ कर खूब मजा आया होगा।

By tharki

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