कड़कती बिजली में भईया का खड़ा लंड

मेरा नाम साधना है मैं 21 साल की लड़की हूं मैं बहुत ही हॉट और खूबसूरत लड़की हूं। मुझे फ्रेंड बनाना बहुत पसंद है मैं फेसबुक पर हमेशा रहती हूं इंस्टाग्राम पर अपनी सेक्सी वीडियो डालती हूं हजारों लड़के और अंकल मेरे फैन है। 

पर आजकल फैन से काम नहीं चलता है आजकल एक ऐसा इंसान आपके जिंदगी में होने चाहिए चाहे आप लड़का हो या लड़की हो जो आपकी सेक्स की गर्मी को बुझाने का काम करें। मैं भी एक ऐसे ही इंसान की तलाश में थी जो मेरी चूत की गर्मी को शांत करें पर मुझे मिल नहीं रहा था।

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और जब जवानी चरम पर हो तो बिना लंड के काम नहीं चलता है। मैं काफी दिनों से लंड के इंतजार में थी पर मुझे कोई भरोसे लायक आदमी नहीं मिला था मैं किसी ऐसे इंसान से अपनी चूत की सील नहीं करवाना चाहती थी जो बाद में जाकर मेरे साथ परेशानी पैदा करें इसलिए सोच समझकर पहली चुदाई करने चाहिए।

पर मेरे लिए काम बहुत आसान हो गया था मेरा भाई ने ही मेरी चूत की सील को तोड़ा और वह भी बरसात की रात में और जोरदार धक्के के साथ तो आज मैं आप सभी को अपने भाई और मेरे बीच जो उस रात हुआ था वह मैं कहानी बता रही हूं।

जुलाई महीने की बात है दिनभर काफी ज्यादा बारिश हुई थी और फिर शाम को बहुत ज्यादा गर्मी हो गई थी ज्यादा बारिश की वजह से लाइट नहीं आ रही थी इस वजह से मैं छत पर ही सोने चली गई। वहां जाकर मैं अपने मोबाइल निकाल कर उस पर सेक्स कहानियां पढ़ रही थी।

करीब 1 घंटे बाद मेरा भाई तकिया बिछावन लेकर आ गया। उसने कहा मुझे भी बहुत नीचे गर्मी लग रही है इसलिए मैं भी आज छत पर सो जाऊंगा। मेरे बगल में ही उसने अपना बिछावन बिछा लिया था। मेरे मम्मी पापा दोनों ग्राउंड फ्लोर पर बने कमरे में सो रहे थे। 

बीच का फ्लोर हम दोनों भाई बहन का है जहां पर दोनों के अलग-अलग कमरे हैं और ऊपर छत है। अक्सर मम्मी पापा फर्स्ट फ्लोर का दरवाजा बंद कर देते हैं क्योंकि उनको डर लगता है चोरी होने का इस वजह से वह लोग नीचे सोते हैं और हम दोनों भाई बहन फर्स्ट फ्लोर पर सोते हैं।

तो नीचे से मम्मी पापा को ऊपर आने का कोई मतलब ही नहीं होता है आज तक कभी वह नहीं आए मम्मी पापा ग्राउंड में सो रहे थे मैं भाई बहन दोनों छत पर सोने के लिए आ गए थे ठंडी ठंडी हवा चल रही थी दोनों भाई बातचीत करते करते सो गए रात के करीब 2:00 बजे नींद खुली इसका वजह था जोर से बारिश आना।

इतना जोर की बारिश थी कि भीगते देर नहीं लगा जल्दी जल्दी हम दोनों अपना बिछावन उठाने और भागने के चक्कर में पूरी तरीके से भीम कहते क्योंकि बहुत तेज की बारिश आ गई थी। फिर हम लोग अपना-अपना बिछावन दोनों छत पर एक ऐसा जगह जहां पर पानी नहीं पड़ता है वहीं पर रख दे और हम दोनों नीचे आ गए।

नीचे जैसे ही आए लाइट जलाया मेरे भाई का नजर मेरे चूचियों पर पड़ा। असल में मैं उस दिन ब्रा खोल दी थी और ऊपर से एक कॉटन का टॉप था वह पहनी थी। भीगने की वजह से मेरे दोनों चुचियों में टॉप चिपक गया था जिस वजह से मेरी चूचियां साफ साफ दिखाई दे रही थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

यहां तक कि मेरा पिंक निप्पल भी साफ-साफ बाहर से दिखाई दे रहा था। मेरे चेहरे पर बरसात की बूंदें टपक रहे थे इस वजह से मैं और भी ज्यादा सेक्सी लग रही थी। अब मैं करते क्या मेरा भाई मुझे निहार रहा था जो मेरे से 2 साल बड़ा है।

मैं अपना हाथ अपनी चुचियों को ढकने की कोशिश करने लगे पर उसने इसके लिए मना कर दिया था वह मेरे चुचियों को मेरे होंठ को मेरे गाल को बार-बार निहार रहा था जैसे मैं पीछे घूमे मेरी गांड की चौड़ाई मेरे भाई के सामने था। मेरी गांड मेरी कपड़े चिपक रहे थे इस वजह से दोनों चूतड़ साफ-साफ दिखाई दे रहे थे।

मैं फिर से वापस घूमे मेरा भाई मुझे खोजा था उसने कहा बहन एक बात बताऊं तुम बहुत ही ज्यादा हॉट और सेक्सी लग रही हो। भाई का लंड धीरे-धीरे खड़ा हो रहा था क्योंकि वह भी अंदर जांगिया नहीं पहना था। इस वजह से उसका लंड साफ साफ दिखाई दे रहा था उसके पैंट में तंबू डाल कर खड़ा हो गया उसका लंड।

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जैसे मेरी नजर उसके मोटे और लंबे लंड पर पड़ी मेरे से भी रहा नहीं गया हम दोनों एक दूसरे के करीब आने उसने मेरे बाल को पकड़कर अपने तरफ मुझे खींचा और मेरे होंठ को चूमने लगा। मेरे से भी रहा नहीं गया मैंने तुरंत ही उसका लंड पकड़ ली।

लंड पकड़ कर मैं आगे पीछे करने लगे मेरा भाई मेरी चुचियों को दबोच ने लगा मेरे होंठ को चूमने लगा। हम दोनों कमरे में चले गए अपना दरवाजा बंद करके भाई ने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरी पेंट को खोलकर मेरे पेंटर तुरंत निकाल दे।

फिर मैंने अपने भाई का पेंट खोल दिया उसका मोटा लंड हाथ में ले ली तभी मेरा भाई मेरे टॉप को निकालने को कहने लगा मैंने तुरंत अपने टॉप ऊपर से निकाल दिया। रात के 2:30 बज गए थे हम दोनों ही नंगे थे लाइट जल रही थी हम दोनों एक दूसरे के जिस्म को चूम रहे थे।

भाई मेरी चूत को छेड़ते हुए मेरे चुचियों को दबाते हुए मेरे निप्पल को अपने दांत से काटने लगा। जिससे मैं और भी ज्यादा परेशान हो गए मैं अपने आप को रोक नहीं पा रहे थे मैंने तुरंत ही उसका लंड पकड़ कर अपने मुंह में ले लिया और तुरंत ही उसके लंड को चूसने लगे मेरा भाई का लंड करीब 9 इंच का है।

मेरी चूत काफी ज्यादा गरम हो गई थी मेरी चूत से पानी निकल रहा था मेरा भाई उंगली लगाकर चूत के पानी को बार-बार जाट रहा था उसके बाद उसने मेरे होंठ को चूमना शुरू किया अपना जीभ मेरे मुंह में डाल दिया मैं उसके जीभ को चाटने लगी चूसने लगी।

हम दोनों काफी ज्यादा गरम हो गए थे उसके बाद भाई ने मेरे दोनों टांगों को अलग अलग किया पहले मेरी चूत को अपने  उंगलियों से खूब छेड़ा उसके बाद जब मैं पानी पानी हो गई तो सारा पानी वह अपनी जीभ से जा रहा था। मैं व्याकुल होने लगी मेरी वासना भड़क चुकी थी।

मैं सिसकारियां लेते हुए अपने भाई के तरफ नशीली आंखों से देखने लगी अपने दोनों टांगों को फैला दी भाई ने मेरी चूत को निहारा तकिया मेरे कमर के नीचे लगाया अपना मोटा लंड मेरी चूत के छेद पर रखा और घुसाने लगा पर मुझे काफी ज्यादा दर्द होने लगा था इस वजह से मैंने उसको मना करते उसने तुरंत अपने लंड को अलग कर लिया।

पर मुझे उसका लंड अपनी चूत में चाहिए था इस वजह से मैंने उसको कहा आराम आराम से मुझे चोदना जोर से मत घुसना पर मेरा भाई कहां मानने वाला उसने तुरंत ही अपना मोटा लंड में चूत के छेद पर रखा और एक झटके में अंदर घुसा दिया।

मैं दर्द के मारे कराह रही थी भाई ने इतना जोर से अपना मोटा लंड मेरी चूत के अंदर घुसा दिया था जिसकी वजह से मेरी चूत फट गई थी। भाई ने मेरे आंखों से आंसू को पूछते हुए मेरे चुचियों को सहलाते हुए बोला। पहली चुदाई में दर्द होता ही है क्योंकि चूत की जो पर्दा होता है वह फट जाता है इस वजह से दर्द होती है और तुम्हें दर्द नहीं होगा।

भाई लंड को अंदर-बाहर करने लगा मेरी चूचियों को मसलने लगा अपने अंगुलियों से मेरी निप्पल को दबाने लगा मैं काफी ज्यादा सेक्सी हो गई अब मुझे दर्द नहीं हो रहा था उसका लंड मेरी चूत के अंदर आ जा रहा था वो जोर जोर से धक्के दे देकर मुझे चोद रहा था।

बाहर बादल गरजने की आवाज आ रही थी काफी दूर से पानी पड़ रहा था बारिश हो रही थी बरसात के मौसम में वह जोर-जोर से अपने लंड को मेरी छोटी चूत के अंदर घुस आए जा रहा था। मेरे गाल को चोदते हुए वह जोर जोर से धक्के देखा था। 

मैं भी अपने गांड को गोल गोल घुमा घुमा कर उसके मोटे लंड को अपनी चूत के अंदर ले रही थी करीब 1 घंटे की चुदाई के बाद उसका सारा माल झड़ गया। उसने अपना लंड निकाल कर सारा माल मेरे मुंह के ऊपर डाल दिया मेरे चेहरे के ऊपर डाल दिया।

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फिर मैं उसके लंड को अपने मुंह में लेकर उसके वीर्य को रखने लगी नमकीन स्वाद था पर बहुत अच्छा लग रहा था मुझे। मैं सेक्सी नजर से देखते हुए भाई के लंड को साफ कर रहे थे चाट चाट कर। भाई मेरे चुचियों को छेड़ता हुआ। 

मेरे होंठ को छूता हुआ नशीली आंखों से मुझे देख रहा था फिर हम दोनों एक साथ ही सो गए सुबह उठकर हम दोनों ने कपड़े पहने और फिर अलग-अलग बेड पर गए बरसात में चुदाई का मजा ही कुछ और होता है और खासकर जब अपने किसी फैमिली मेंबर के साथ सेक्स की बात हो तो। 

By tharki

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