लॉकडाउन में था खाली साली की चूत मारी

हॉट साली की चूत कहानी में पढ़ें कि लॉकडाउन में मैं अपनी ससुराल में फंस गया वहां मेरी एक साली भी है एक दिन मैंने छुप कर साली के कमरे में झांका तो दोस्तो एक बार फिर से आपका प्यारा रोशन सक्सेना एक नई सेक्स कहानी के साथ आपके सामने हाजिर है इस लॉकडॉउन में कई सेक्स कहानियां मेरे दिमाग में आनी शुरू हुईं 

इस दौरान कई सम्बन्ध भी नये बन गए थे मैं ये हॉट साली की चूत कहानी केवल आपके मनोरंजन के लिए लिख रहा हूं कई प्रशंसकों ने मुझे और भी ज्यादा खुली भाषा में सेक्सी कहानी लिखने को कहामगर मैं अपने हिसाब से कहानी को बहुत उत्तेजित और कामुक भाषा का प्रयोग करते हुए लिखता हूं आप लोगों का प्यार ही मुझे सेक्स कहानी लिखने को प्रोत्साहित करता है

मैं आज एक नए करेक्टर के साथ नई सेक्स कहानी लिख रहा हूं इस कहानी में अमन नाम का 32 वर्षीय एक लड़का है वही इस हॉट साली की चूत कहानी में आपसे मुखातिब है दोस्तो मेरा नाम अमन है मेरी शादी हुए अभी तीन साल हुए हैं नई-नई शादी हुई है तो बीवी को खुश करने के लिए और अपने बिजनेस के काम से अक्सर मुझे ससुराल के शहर में चक्कर लगाना पड़ता है

मेरी ससुराल मेरे शहर से काफी दूर है और मुझे रेलगाड़ी से रात भर की यात्रा करनी पड़ती है मेरी ससुराल में मेरे सास-ससुर के अलावा एक साली है जिसका नाम राशि है वो करीब 24 साल की है देखने में राशि भी मेरी बीवी की ही तरह खूबसूरत है मगर राशि मुझसे कुछ दूरी बनाकर रहती है इसलिए मैं भी उससे दूरी बनाकर रहता हूं

लॉकडाउन में था खाली साली की चूत मारी

कुंवारी कामवाली की चूत में लंड-Kamvali ki Chudai

हालांकि वो बड़ी बिंदास है लेकिन अपने काम की व्यस्तता के चलते भी मैंने उस पर कभी ध्यान नहीं दिया था जबकि वो बड़ी ही मदमस्त जवान कांटा माल है हालांकि मैं पक्का चोदू हूं पॉर्न फिल्मों की तरह अपनी बीवी को घनघोर चोदता हूं शुरू-शुरू में मेरी बीवी चुदाई के समय थोड़ा नखरा करती थी लेकिन अब वो भी मस्त चुदवाती है हम दोनों अपने बेडरूम में नंगे ही रहते हैं

हां कभी-कभी परेशानी होती है जब घर का कोई बड़ा आवाज से देता है उस स्थिति में मुझे पहले निकलना पड़ता है और बाद में मेरी बीवी कपड़े पहन कर निकलती है तो हुआ यूं कि बिजनेस के काम से एक बार फिर मुझे चार-पांच दिनों तक अपनी ससुराल में रूकना था मैं अपने काम के सिलसिले में सुबह निकल जाता और शाम को वापस ससुराल वाले घर आ जाता

मेरे सास ससुर मेरा बहुत ख्याल रखते मगर इस बार लॉकडॉउन की वजह से मुझे रूकना पड़ गया एकदम से लॉकडाउन की स्थिति बन गई थी तो मैं समझ ही न सका कि ये मामला इतना लम्बा चलेगा मगर अब फंस गया था प्रधानमंत्री मोदी ने ऐलान कर दिया था कि जो जहां है वो वहीं रहेगा अब मैं न तो अपने घर आ सकता था और न ही बिजनेस का कुछ कर सकता था

उधर फोन पर बीवी भी बोल चुकी थी कि अब जब आना होगा तो आ जाना तब तक आप मेरे माता-पिता का ध्यान रखना मेरी भी मजबूरी थी कि मुझे रूकना ही पड़ा खैर इधर रूकने में एक फायदा भी हुआ लॉकडाउन के करीब 10 दिन बीत गए थे आगे के लक्षण भी कुछ अच्छे लग नहीं रहे थे दिन भर गप्पबाजी और खाना के अलावा कुछ नहीं था 

बोर हो जाओ तो बस अपने-अपने कमरे में जाकर सो जाओ यही दिनचर्या हो गई थी ससुराल के इस घर में मैं अपनी बीवी के कमरे में ही रुकता था मेरी बीवी और साली का कमरा अलग-अलग था पर अन्दर से एक-दूसरे के कमरे में जाने के लिए एक दरवाजा भी लगा था और रोशनदान का तो आप जानते ही हैं

मेरी साली इस दौरान मुझसे काफी खुल गई थी और हम दोनों सारे दिन कोई न कोई गेम खेलते हुए आपस में लड़ते झगड़ते और चुहलबाजी करते रहते थे एक दो बार छीना झपटी में मेरा हाथ उसके मस्त मम्मों पर भी लग चुका था जिसका उसने कोई विरोध नहीं किया था मुझे समझ आ गया था कि यदि मौका मिला तो इसको अपने लौड़े के नीचे ले ही लूंगा

उस दिन दोपहर के समय की बात थी मुझे राशि के कमरे से कुछ आवाज आ रही थी ऐसा लग रहा था कि राशि किसी से बात कर रही थी मैंने की-होल से झांककर देखा तो मुझे ज्यादा कुछ समझ में नहीं आया इसलिए मैंने स्टूल को दरवाजे के पास लगाया और रोशनदान से राशि के कमरे में झांकने लगा वो लैपटॉप को अपने सामने रखकर शायद अपने ब्वॉयफ्रेंड से बात कर रही थी

अब मुझे राशि की आवाज थोड़ा स्पष्ट आने लगी थी वो बोल रही थी- अबे चुतिये चूत तो मेरी भी फड़क रही है पर मैं कुछ नहीं कर सकती उधर से कुछ कहा गया जिस पर राशि बोली- नहीं मैं तेरे लिए रात को ही नंगी होऊंगी अभी कोई आ भी सकता है पर शायद दूसरी तरफ से शायद जिद ज्यादा हो रही थी तो राशि बोली- ठीक है अभी तेरे लिए जितना करूंगी 

उसी से शांत हो जाना बाकी रात को करूंगी ये कहकर वो पलंग से उठी और अपने कमरे के अटैच बाथरूम में गयी उधर से वो पानी का खाली मग ले आयी मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था वो मग को हिलाते हुए बोली- देख तेरे लिए ही कर रही हूं इतना कहकर उसने अपना पजामा और पैंटी को बिल्कुल से उतार दिया और एक टांग को पलंग से टिका कर मग को अपनी चूत के पास ले गयी

शायद वो उस मग में पेशाब कर रही थी मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं मूतने के बाद खुद ही वो अपने मूत को पी गयी और मग को किनारे रखते हुए बोली- देख अब मुठ मार कर सो जा भोसड़ी के रात को और मजा करेंगे ये कहते हुए उसने अपने नीचे के कपड़े पहने और लैपटॉप को बन्द करके बिस्तर पर लेट गयी

मेरे तो होश फाख्ता थे सीन देख कर आंख फटी की फटी रह गयी थी कि साली क्या चीज है मादरचोद इधर मेरे लंड को भी दस दिन से चूत नहीं मिली थी मगर मुझे लग रहा था कि अब मेरे लिए चुत का इंतजाम हो चुका है अब मुझे रात का इंतजार था पर उसके कमरे में जाने के लिए दोनों के कमरे वाला दरवाजा खुला होना चाहिए

मैंने दरवाजे की सिटकनी खोली इत्तफाक से मेरी तरफ से ही दरवाजा बन्द था मैंने धीरे से दरवाजा खोला और दबे पांव उसके पास पहुंच गया उसका पीछे का हिस्सा मेरी तरफ था एक पैर को सिकोड़ कर वो गहरी नींद में सो रही थी राशि की गांड की उठान बहुत मस्त थी मैंने उसके ऊपर झुककर देखा सोते हुए वो बहुत मस्त लग रही थी

उसे देखकर लग ही नहीं रहा था कि ये साली कितनी बड़ी चुदक्कड़ है मैंने उसके चूतड़ पर हाथ फेरा वो थोड़ा कुनमुनाई और फिर अपने चूतड़ को खुजलाकर सो गयी राशि को चोदने का इस समय मेरा मन तो बहुत कर रहा था पर मैं रूक गया हो सकता है कि नींद के झोंक में राशि चिल्ला उठे और खेल बिगड़ जाए

फिर मैंने अपने लौड़े को थपथपाते हुए उससे कहा- चल यार जहां इतने दिनों तक चूत के लिए तरसा है कुछ समय तक और अपने आपको रोक ले रात को तेरी सब ख्वाहिशें पूरी हो जाएंगी मैं बुझे मन से अपने कमरे में आकर सो गया शाम को एक बार फिर इकट्ठे हुए

हम सभी में आपस में बातचीत होती रही और साथ में राशि और माताजी घर के काम निपटाने के साथ ही बातें भी करती जा रही थीं मगर मेरी नजर राशि की चूचियों और उसके पेन्डुलम के सामान ऊपर नीचे होते चूतड़ों पर ही टिकी थी साला लंड में एक खुजली का अहसास हो रहा था रात होते-होते 10 बज गए थे मैं खाना खाकर सीधे अपने कमरे में चला गया

मुझे मालूम था कि सब काम समेटने में उसे अभी भी काफी वक्त लगेगा इसलिए मैं अपने कमरे में आया और अपने कपड़े उतारकर सीधा अंडरवियर और बनियान में आ गया मैं अपने कमरे की लाईट ऑफ करके राशि के कमरे में आ गया उधर कहीं छिपने की जगह नहीं थी लेकिन उम्मीद की एक झलक मुझे उसके पलंग के नीचे की दिखी 

जहां इतनी पर्याप्त जगह थी कि मैं आसानी से उसके नीचे आ सकता था खैर मैं पलंग के नीचे छिप गया कोई 10-15 मिनट बाद राशि कमरे के अन्दर आयी और अच्छे से अपने कमरे दरवाजे और खिड़कियों को बन्द करके पर्दा-वर्दा अच्छे से लगाकर उसने लैपटॉप ऑन किया कुछ देर बाद ही हाय की आवाज आयी यह आवाज उसके ब्वॉयफ्रेंड की थी जवाब में राशि ने भी हाय कहा

फिर आवाज आयी- हाय जानेमन क्या हॉट लग रही हो राशि- साले मस्का मारना शुरू कर दिया सुमित- नहीं नहीं यार सही कह रहा हूं राशि बोली- तो ठीक है अब मैं कपड़े उतारने से बच गयी सुमित- अरे नहीं यार ऐसा जुल्म मत करो नहीं तो तेरा ये यार अपना लंड अपनी गांड के अन्दर ले लेगा

राशि- ओह तो यह बात है ठीक है तो फिर एक काम कर तू अपना लंड अपनी गांड में डाल ले मैं भी देखना चाहती हूं कि तुम कैसे अपना लंड अपनी गांड में डालते हो सुमित- अरे यार मैं मजाक कर रहा हूं और तुम सीरियस हो जाती हो तभी राशि के हंसने की आवाज आई और साथ ही उसका कुर्ता जमीन पर गिर गया मुझे अपने सामने जमीन पर उसका कुर्ता पड़ा दिखने लगा

राशि- ले देख अब ठीक है न सुमित- यार मत तरसा यार पूरा दिन बिता दिया तेरी गोल-गोल चूची फूली हुयी चूत और उभारदार गांड देखने को बड़ा जी कर रहा है इधर मैंने उसके गिरे हुए कुर्ते को खींचा और राशि के जिस्म की महक को सूंघने लगा इसी बीच उसकी ब्रा जमीन पर गिरी मैंने झट से उसको भी उठाया और सूंघने लगा

इसी तरह वो जो भी उतारती मैं उसको सूंघने के लिए उठा लेता लेकिन अब मेरे लिए बर्दाश्त के बाहर की बात हो रही थी जवान चुदासी लड़की मेरे सामने थी और मैं पलंग के नीचे लेटा हुआ अपना लंड मरोड़ रहा था मैं पलंग से बाहर निकल आया और ठीक उसके सामने खड़ा हो गया उस वक्त राशि ने एक टांग को पलंग पर रखा हुआ था और बुर की फांकों के बीच उंगली चला रही थी

मुझे इस तरह देखकर वो जरा भी नहीं घबराई बल्कि मुझे देखते हुए चुत रगड़ कर बोली- मैं जानती हूं तू बड़ा चोदू किस्म का है तभी सुमित बोला- क्या करूं जानेमन तेरी चूत देखकर मेरा लौड़ा फड़कने लगता है मैंने भी अपने लौड़े की तरफ इशारा किया राशि ने फलाईंग किस मेरी तरफ उछाला और जैसे ही मुट्ठी में मैंने उसके किस को पकड़ा

वो इशारे से उस किस को मुझे मेरे लंड में लगाने के लिए बोली फिर उसने अपनी बुर की फांकों के बीच उंगली चलाई और उंगली को मुँह में लेकर चाटने लगी तभी सुमित बोला- जान इस तरह जब तुम अपनी चूत चाटती हो कसम से लगता है कि काश मैं वहां होता और तुम्हारी चूत को कचकचा कर खा जाता राशि उसी नशीले अंदाज में बोली- तुमने अभी तक अपना लौड़ा नहीं दिखाया

सुमित बोला- अरे हां यार मैं भूल ही गया इधर मैंने भी राशि के इशारे को समझकर अपने कपड़े एक-एक करके उतार दिए मेरे खड़े लंड को देखते ही एक बार राशि अपने होंठों को गोल करके मेरे लंड को चाटने के अंदाज में अपनी जीभ को होंठों पर फेरने लगी अब उसके लिए मुश्किल था कि वो सुमित के साथ लाईव शो करे 

लॉकडाउन में था खाली साली की चूत मारी

बहन को चुदते देख भाई ने की बहन की चुदाई-Bhai Behen Ki Chudai

इसलिए उसने सुमित की तरफ देखे बिना कहा- सुमित डार्लिंग लैपटॉप की बैटरी लो हो रही है और मुझे अब नींद भी आ रही है अब तुम मेरे सपने में आकर मुझे रोज की तरह चोदो इससे पहले सुमित कुछ बोलता राशि ने लैपटॉप के साथ ही मोबाईल को भी ऑफ कर दिया शायद उसे मालूम था कि सुमित उसे मोबाईल करके परेशान कर देगा

अब वो मेरे पास इठलाते हुए आयी और मुझसे चिपकते हुए बोली- जीजा मेरी जान आज पूरी रात तुम अपने इस साली की चूत और गांड मार-मार कर इसे बेदम कर दो ये कहते हुए राशि ने मेरे एक निप्पल पर अपनी जीभ चलाना शुरू कर दिया वो निप्पल को चाटने के साथ-साथ काटने भी लगी और साथ ही मेरे लंड को अपनी मुट्ठी में भरकर अपनी चूत से लड़ाने लगी

उसने मुझे हल्का सा धक्का मारते हुए पलंग पर गिरा दिया और मेरे पैरों के बीच बैठकर मेरे लंड को अपने मुँह में भर कर चूसने लगी मैं मस्त हो गया मुझे उम्मीद ही नहीं थी कि सब कुछ इतना सहज हो जाने वाला था मैंने कहा- मेरे लंड पर कब से नजर लगाए बैठी थी वो बोली- जीजू जान मैं तो आज दोपहर को ही आपके लौड़े से चुदने के लिए राजी थी 

मगर आपकी गांड फट गई थी इसलिए खेल नहीं हो सका था मैं हंस दिया अब मेरी साली राशि मेरे लंड को चूसने के साथ ही मेरे खड़े लौड़े सुपारे पर जीभ का फिरा देती फिर मेरी गांड के छेद तक अपनी जीभ फिरा देती वो मेरे लंड को चूसने के साथ ही मेरी गांड को भी चाट रही थी और बीच-बीच में मेरी गांड के अन्दर अपनी उंगली भी डालने का असफल प्रयास कर रही थी

उंगली अन्दर न जा पाने पर नाखून से मेरी गांड कुरेद देती थोड़ी देर बाद मेरे देखते ही देखते राशि ने गप्प से मेरे लंड को अपनी चूत के अन्दर ले लिया और अपने जिस्म को ग्राईंडर की तरह चलाने लगी मैं मस्त हो गया कुछ देर के बाद उसने मुझे अपनी बांहों में जकड़ा और बोली- जीजा मुझे अपनी बांहों में जकड़ लो मैंने भी उसे बांहों में जकड़ते हुए कहा- क्यों साली साहिबा बहुत जल्दी चुदाई शुरू कर दी

वो कंपकपाती आवाज से बोली- जीजा अभी कुछ न बोलो पहले मैं एक बार अपनी चूत की प्यास बुझा लूं फिर बात करूंगी ये कहते हुए उसने अपनी थापों की स्पीड को लगातार बढ़ाते हुए सीत्कार करना शुरू कर दी थी वो मस्ती में आह आह करती जा रही थी मैं हैरान था कि साली रूकने का तो नाम भी नहीं ले रही थी

राशि के इस तरह से चुदाई का मजा लेने से और उसकी चूत के भीतरी दीवारों से मेरे लंड पर होने वाला घर्षण के कारण मेरे लंड ने हार मान ली और वीर्य का फव्वारा उसकी चूत के अन्दर छूटने लगा गर्म वीर्य की धार पड़ी तो राशि भी ढीली पड़ गयी और हांफते हुए मेरे सीने से चिपक कर अपने धकाधक चलते जिस्म को शांत कर लिया

मुझे भी उसकी चुत से रिसते रज का अहसास मेरे लंड पर होने लगा उसकी सांस अभी भी बहुत तेज-तेज चल रही थी उसकी चूचियों के निप्पल और मेरे निप्पल दोनों एक दूसरे से रगड़ खा रहे थे मेरे हाथ उसके पीठ सहलाते हुए उसके चूतड़ों को भी सहलाने लगे जबकि वो अभी भी मेरे ऊपर निढाल सी पड़ी हुयी थी

इस बीच उसके चूत ने मेरे लंड को अपनी कैद से मुक्त कर दिया और वो फिसलकर बाहर आ गया राशि ने भी अपनी सांसों को काबू में कर लिया उसने थोड़ा सा अपने वजन को मेरे जिस्म से हल्का करते हुए एक तरफ को सरक गई वो मेरे होंठों पर उंगलियों को सहलाने के बाद मेरे बगल में चित लेट गयी थोड़ी देर तक हम दोनों ही निढाल अवस्था में पड़े रहे 

केवल हमारे पंजे ही एक दूसरे से लड़ाई कर रहे थे कुछ देर ही बीती होगी कि राशि ने अपने पैर को मेरे पैर पर चढ़ा दिया और पंजे को पंजे से मुक्त करके अपने कैदी मतलब मेरे ढीले और मुरझा कर लटक चुके लंड को उसने अपनी मुट्ठी में कैद कर लिया वो लंड के ऊपरी आवरण के साथ खेलने लगी कभी वो सुपारे की चमड़ी को नीचे करती तो कभी लंड के मुख मंडल पर अपने अंगूठे को चलाने लगती

फिर हम दोनों ने ही एक साथ करवट बदली और एक दूसरे से कस कर चिपक गए. लेकिन मेरा बेचारा लंड अभी भी उसकी कैद में था मैं उसकी पीठ और चूतड़ों को सहला रहा था और उसके चूतड़ों की दरार के बीच उंगली डाल रहा था राशि शायद मेरी चाहत को समझ गयी थी इसलिए उसने अपनी टांग को मेरे कमर पर रख दी 

इससे वो मेरे और करीब आ गयी. मेरी भी उंगलियों को उसके मनमाने स्थान पर जाने व छूने की मानो जैसे अनुमति मिल गयी थी मेरी उंगलियां स्वतंत्र होकर कभी उसकी गांड के अन्दर घुस जातीं तो कभी उसकी चुत की पुत्तियों को मसल देती इधर मेरा लंड भी उसके हाथ में कैद होने के साथ ही साथ उसकी चूत से निकलती हुयी गर्म हवाओं को झेलने पर मजबूर थी

इसके परिणाम स्वरूप लंड ने तनाव लेना शुरू कर दिया था मेरा लंड अब उसकी चूत से टच होने लगा था इस बीच हम दोनों ही एक-दूसरे की आंखों में आंखें डाले हुए थे मैं उसके जिस्म की तपन को और मेरा लौड़ा उसकी चूत से निकलती हुयी गर्मी को महसूस कर रहा था मेरी उंगलियां अभी भी निरन्तर उसकी गांड की गहराईयों को नाप रही थीं 

तो कभी उसकी दोनों कलियों को मसल कर इठला रही थीं और तो और मेरी बेशर्म उंगलियां तो उसकी गीली और गर्म चूत की गहराई में भी घूम आयी थीं अब उंगली भी जब उसकी गीली चूत के अन्दर हो ही आयी थी तो उंगली का गीला होना भी स्वाभाविक था थोड़ी देर तक तो उंगली अन्दर रही पर मुझे न जाने किया सूझा कि मैंने उंगली को बाहर किया और सीधा लेटकर उन उंगलियों को निहारने लगा

फिर अक्समात मेरी जीभ ने उस गीली उंगली को अपने अन्दर भर लिया राशि मेरी इस हरकत को देख रही थी राशि मेरी इस हरकत को देखकर मुस्कुरा दी और बदले में उसने भी अभी उन उंगलियों को जो अभी तक मेरे सुपारे को खोद रही थीं या उसके ऊपर चल रही थीं को अपने मुँह में भर कर चूसने लगी

फिर अचानक से वो उठकर मेरी जांघों के ऊपर बैठ गयी और मेरे ऊपर झुकते हुए मेरे होंठों पर चुंबनों की बौछार कर दी इसके साथ ही उसने अपनी जीभ को मेरे मुँह के अन्दर डाल दिया अब हम एक दूसरे की जीभ को चूस रहे थे और राशि मेरे निप्पल को जोर-जोर से मसल रही थी मैं राशि के गोल-गोल मम्मों के साथ-साथ उसके तने हुए दोनों निप्पलों को मसल रहा था

इस वजह से हम दोनों के मुँह से एक मादक सिसकारियां निकल रही थीं कुछ देर बाद राशि ने मेरे निप्पल को मसलना छोड़ दिया अब वो थोड़ा नीचे झुक गई और मेरे निप्पल पर बारी-बारी थूक कर उसी पर अपनी जीभ चलाने लगी राशि एक खेली खाई लौंडिया थी उसे अच्छी तरह से पता था कि मर्द को कैसे खुश करना होता है मैं खुद ही उसका प्रमाण था

मैंने खुद की आंखों से देखा था कि उसने अपने ब्वॉयफ्रेंड के कहने भर से ही अपना मूत खुद ही पी लिया था उसने मेरे जिस्म के किसी कोने को छोड़ा ही नहीं और न ही एक जगह ज्यादा देर रूकी मेरे निप्पल चूसने के बाद वो अपनी जीभ चलाती हुयी नाभि तक आ पहुंची वहां पर उसने जीभ चलायी और फिर अपने प्रियतम (लंड) के पास पहुंचते ही उसने अपने को गप्प से मुँह के अन्दर ले लिया

लंड को चूसने के साथ-साथ वो मेरे अंडों को दबाती जाती मेरा जिस्म अकड़ रहा था कुछ देर लंड और जांघ के आस-पास चूमने चाटने के बाद वो मेरी जांघों पर बैठ गयी. अपनी चूत को मेरे जिस्म से रगड़ते हुए ऊपर मेरे मुँह की तरफ आने लगी उसकी चूत की गर्मी का अहसास मुझे एक अलग तरह के आनन्द की अनुभूति प्रदान करवा रहा था

एक बार तो राशि ने अपनी चूत से मेरी टुड्डी को भी रगड़ दिया और मेरे मुँह पर बैठ गयी अब भला मेरी जीभ की इतनी मजाल कहां थी कि वो चूत को अपने इतने समीप पाकर खामोश रहती जीभ बाहर निकली और चूत के मुहाने और पुत्तियों पर चलने लगी राशि ने अपनी फांकों को फैला दिया और मेरी जीभ भी उन फांकों के बीच चलने लगी

थोड़ी देर तक अपनी चूत चटवाने के बाद वो 69 की अवस्था में होकर मेरे लंड को अपने मुँह में भरकर चूसते हुए अपनी कमर को मटकाकर मुझे इशारा कर रही थी कि मेरी चूत और गांड तुम्हारी लपलपाती हुयी जीभ से चुदने को बेकरार है बस इस सहारे को पाते ही मैं चालू हो गया उधर उसकी जीभ लंड पर चल रही थी और इधर मेरी उसके दोनों छेदों पर घूमने लगी

मगर बिना लंड चुत के ये सब कितनी देर तक मजा देता अब मुझे राशि की चूत को चोदना ही था. इसलिए मैंने राशि को पलंग पर चित किया और उसके ऊपर चढ़ गया मेरा लंड तो पहले से ही चूत की गहराई में खो जाने को बेकरार था उसने आव देखा न ताव, झट से अन्दर अंधेरी गुफा रूपी चूत के अन्दर घुस गया

बस अब क्या था झटके पर झटके लगना शुरू हो गए. फच फच की आवाज आना शुरू हो गई और राशि की चुचियां भी हिलने-डुलने लगीं हम दोनों ही एक दूसरे की बांहों में कैद हो चुके थे लेकिन धक्कों की स्पीड में कोई कमी न थी इन धक्कों के बीच-बीच में मैं उसे चूम लेता था, तो वो भी मुझे चूम लेती थी

तभी अचानक मुझे महसूस हुआ कि गर्मी कुछ ज्यादा ही बढ़ चली है और लंड महाराज कभी भी धोखा दे सकते हैं मेरा जिस्म अकड़ रहा था, लग रहा था कि अब रस निकलने वाला है. इधर राशि के जिस्म में की अकड़न भी मुझे समझ में आ रही थी तभी राशि बोली- जीजू 69 में हो लो मैं तुरन्त उसकी छाती पर चढ़ गया, राशि ने भी अपनी टांगें सिकोड़ लीं

मेरा सिर उसकी जांघों के बीच था और जीभ उसकी चूत के अन्दर चल रही थी बहुत ज्यादा देर नहीं हुआ था कि राशि ने अपनी कमर को हल्का सा ऊपर उठाया और रिलेक्श पोजिशन पर निढाल होकर मेरे लंड को चूसने लगी इसी बीच मेरी भी अकड़ ढीली हो गयी और वीर्य की धार उसके मुँह के अन्दर छूटने लगी इधर राशि की चूत का रस मेरी जीभ में चढ़ चुका था

मैं राशि के जिस्म से उतरकर उसके बगल में आ गया और राशि ने करवट बदल ली. उसने अब अपनी एक टांग मुझ पर चढ़ा दी और मुझसे चिपट गयी थोड़ी देर तक मैं ऐसे ही पड़े सोचता रहा कि लॉक डॉउन न होता तो साली की चूत कभी न मिलती दस मिनट बाद राशि उठी और बलखाती हुयी गांड के साथ बाथरूम में घुस गयी मैं उसको जाते हुए देख रहा था

बाथरूम में जाकर वो खड़े होकर मूत रही थी मूतने के बाद पानी से उसने अपनी चूत को गीला किया और वापिस आ गयी मुझे भी पेशाब लगी थी मैं भी उठकर पेशाब करके आकर बिस्तर पर लेट गया राशि एक बार फिर मुझसे चिपककर सो गयी सुबह मैं अपने समय पर उठा तो राशि बिल्कुल सीधी लेटी हुयी थी और उसकी फूली हुयी चूत मेरे लंड को एक बार फिर उकसा रही थी और लंड महाराज चूत को देख-देखकर फुदकने लगे थे

इस तरह खुला यौवन देखकर मन मेरे वश में नहीं था मुझे यह तो नहीं पता कि अगर राशि मुझसे पहले सोकर उठती और मेरे तने हुए लंड को देखती तो वो क्या करती पर मैंने बहुत ही धीरे से उसकी चूत को चूमा और लंड को उसकी चूत के मुहाने से टिकाते हुए धक्का दे दिया बस फिर क्या था राशि की आंख खुल गयी वो बोली- जीजू चोद लो लेकिन माल इस बार भी मेरी चूत के ऊपर ही छोड़ना

मैंने उसके होंठों को चूमते हुए कहा- साली चिन्ता मत कर मुझे मालूम है कि माल कहां गिराना है ये कहकर मैंने अपने धक्कों की स्पीड को बढ़ा दिया और उसे ताबड़तोड़ चोदने लगा मैं धक्के पर धक्के पेले जा रहा था राशि की आह-ओह, आह-ओह की आवाज मुझमें एनर्जी भर रही थी थोड़ी देर बाद अपने होंठों को दांतों से चबाते हुए बोली- जीजू मेरा निकलने वाला है

निकलने वाला तो मेरा भी था मैंने तुरन्त लंड को चूत से बाहर किया और राशि के ऊपर लेट गया लंड से माल निकलकर राशि की चूत के ऊपर गिरने लगा जब मेरा पूरा माल निकल गया, तो राशि ने अपनी उंगलियां वीर्य पर चलाकर उसे अपनी चूत के चारों ओर फैला दिया मैं उसकी आंखों को होंठों को चूमते हुए बोला- आज सुबह की सबसे प्यारी विश है राशि भी मुस्कुरा दी

मैं फ्रेश और नहाने-धोने के लिए चल दिया इस 12-14 घंटे ने दोनों के दरम्यान की दूरी को काफी पास कर दिया सब लोग नाश्ता करने के लिए बैठे करीब 11 बज रहे थे मेरा कोई काम होने वाला नहीं था बस सुबह-दोपहर-शाम खाओ और सो जाओ सास-ससुर के पास ज्यादा देर बैठा नहीं जा सकता था फिर कल रात और आज सुबह से पहले साली भी इतनी मतवाली नहीं थी

इसलिए मैं वापिस अपने कमरे में आया और अपनी जानेमन को फोन लगाया मैं कपड़े उतार चुका था बात हो ही रही थी कि राशि उसी दरवाजे से अन्दर आयी और लौड़े को मुँह में भर कर चूसती जा रही थी उसकी इस हरकत से धीरे-धीरे मेरा काबू खुद मेरे ऊपर से खत्म होता जा रहा था और हालत यह होने लगी कि मेरी जानेमन को भी अहसास होने लगा था

लॉकडाउन में था खाली साली की चूत मारी

कोटा की कमसिन भाभी की चूत की आग बुझाई-Bhabhi Ki Chudai

बीवी पूछ बैठी- क्या कर रहे हो मैंने झूठ बोल दिया कि तेरी चूत की याद आ रही थी तो वही सोच-सोच कर मेरा लंड फड़फड़ा रहा था राशि मेरे लंड को अंडों को जांघों को यहां तक की गांड तक चाट-चाट कर मेरी हालत खराब कर चुकी थी मैंने फोन काटना ही मुनासिब समझा और उसके बाद पलंग तोड़ चुदाई शुरू हो गयी

कभी राशि मेरे ऊपर तो मैं कभी राशि के ऊपर पोजिशन बदल बदल कर हम लोग चुदाई का आनन्द ले रहे थे ये सतत चलता रहा इस लॉकडाउन में जब भी मौका मिलता, तो हम दोनों एक दूसरे के अन्दर समा जाने के लिए बेताब हो जाते कई दिनों तक ऐसा चलता रहा फिर एक रात जब मैं राशि की आगोश में था, तभी मेरी जानेमन का फोन आ गया

उसने पूछ लिया- क्या हो रहा है मैंने कहा- कुछ नहीं, बस साली जी की सेवा का आनन्द ले रहा हूं मुझे लगा कि मेरी जानेमन सुनकर थोड़ा नखरे करेगी पर उसने तो मुझे ही सकते में डाल दिया वो बोली- इस लॉक डाउन में मेरा देवर भी मेरी बहुत सेवा कर रहा है मैंने कहा- मतलब वो बोली- जिस तरह मेरी बहन तुम्हारी सेवा कर रही है उसी तरह तुम्हारा भाई मेरी सेवा कर रहा है

उसकी बात सुनकर मैं बस यही बोला- जानेमन अपनी सेवा अच्छे से करवाना क्योंकि मैं तो यह अपने मन की सेवा करवा रहा हूं ये कहकर हम दोनों ही हंसने लगे क्योंकि लॉकडाउन में फंसे होने के कारण ख्वाहिशें तो पूरी करनी ही थी तो दोस्तो मेरी सेक्स कहानी कैसी लगी आपके मेल का इंतजार रहेगा

By tharki

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